[BEST] 101+ Very Sad Shayari - [ दर्द भरी शायरी ] का बेहद उम्दा कलेक्शन



Very Sad Shayari  - [ दर्द भरी शायरी ] का बेहद उम्दा कलेक्शन 


Hello Friends: ईये आज चलते हैं  दर्द शायरी के एक ऐसे सफर में जहा दिल में छुपा दर्द "शब्दों" में बयां होता हैं. जहा दर्द आंसू बन के कागज़ पे बहा करते हैं. जहा बहते दर्द के सैलाब को ख़ामोशी से लिखे शब्दों में बाँधा जाता हैं. 

यह Very Sad Shayari का Post खास उन दोस्तों के लिए हैं जिन्हे मोहब्बत में दर्द के सिवा कुछ ना मिला। जो आज भी एक ज़िंदा चलती फिरती लाश की तरह हैं. 





Very-Sad-shayari-Dard-Shayari
Very Sad Shayari - Dard Shayari

किसी समय साथ उनके मोहब्बत हुआ करती थी लेकिन आज तन्हाई, बेचैनी, अकेलापन  और वीरानियाँ उनके उसके साथ हुआ करती हैं....


जिगर मुरादाबादी:-
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है....

तो देर कैसी आईये शुरुआत करते हैं इस दर्द शायरी के इस सफर को "Very Sad Shayari"  के Best Collection के साथ....

जहा आप को अपने अंदर छुपे दर्द शब्दों में नज़र आएंगे जो आपको मोहब्बत में मिले ज़ख्मों पे दवा की तरह काम करेगा और आप के दर्द को कम करेगा....


 Famous and Trending Shayari Topics  

  • Very Sad Shayari 
  • Best Dard Shayari Sad 2  Line  Shayari 
  • Sad Shayari in Hindi For Life 


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कर दे मेरे गुनाहों को माफ़ ए ख़ुदा, सुना है सोने के बाद, कुछ लोगों की सुबह नही होती।।

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बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का,  तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा।।

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 उसकी मोहब्बत भी बादलो की तरह निकली, छायी मुझ पर और बरस किसी और पर गयी।।


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माना कि मुझे 💝 दिल लगाना नही आता, पर ये भी सच है मुझे किसी का 💝दिल दुखाना भी नही आता।।



दर्द भरी शायरी का एक बेहतरीन कलेक्शन हैं जहा आप और अधिक से अधिक दुःख भरी शायरी पढ़ सकते हैं, और अपने दर्द को शब्दों में पिरो कर उसे एहसास कर सकते हैं, तो और आगे बढ़ते हैं और पढ़ते हैं, दर्द शायरी के कलेक्शन को 



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घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए, मैं खुद से रूठ जाती हूँ, तुम्हे मनाते हुए।।


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अकसर वो फ़ैसले मेरे हक़ में गलत हुए, जिन फ़ैसलों के नीचे तेरे दस्तख़त हुए।।


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मलाल इस बात का नही कि वो मेरी नही,  तस्सली इस बात की है कि हम किसी के नही।।


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घायल उस खंजर से नहीं,  जो मेरी पीठ मे लगा,  दर्द तब हुआ जब खंजर वाले हाथ को देखा।।


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अपने गुनाहों पर सौ पर्दे डालकर, हर शख्स कहता है  जमाना बड़ा खराब हैं।।


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सुना है बहुत #बारिश है तुम्हारे शहर में, ज़्यादा #भीगना मत, अगर धुल गयी सारी ग़लतफ़हमियाँ, तो बहुत याद आएँगे हम।।


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सुनना चाहते हैं एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नहीं आता।। 


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सुनो ! लोग पढ लेते है मेरी आँखो मे तेरे प्यार की सिद्दत मुझसे अब तेरे इश्क की और हिफाजत नही होती।।


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कितने सितम करोगे इस मासूम दिल पर !! थक जाओ तो जरूर बताना मेरा कसूर क्या था।।


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मैं उसकी ज़िन्दगी से चला जाऊं ये उसकी दुआ थी,  और उसकी हर दुआ पूरी हो ये मेरी दुआ थी।।


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कैसे भूल सकता है कोई किसी को, जब किसी को किसी की आदत हो जाती है।।


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उसकी मोहब्बत पे मेरा हक़ तो नही लेकिन,  दिल करता है के में उम्र भर उसका इंतजार करू।।


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ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे, किसी और से प्यार है, मेरी मौत से पूछो, अब उसे किस बात का इंतज़ार है।।

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तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है, मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है।।


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कैसा सितम है आपका ये, की रोने भी नही देता, करीब आते नहीं और खुद से जुदा होने भी नहीं देता।।


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एहसान वो किसी का लेते नहीं मेरा भी चुका दिया, जितना भी खाया था नमक मेरे जख्मों पर लगा दिया।।


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मुझे मालूम है कि वह मेरी कभी नही हो सकती, मुझे तो बस शौक है उसके खातिर जिन्दगी बरबाद करने का।।


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इसका रोना नहीं क्यों तुमने किया दिल बरबाद, इसका ग़म है कि बहुत देर में बरबाद किया।।


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बचा ही मुझमें क्या,दिल महबूब ले गया, और दर्द में लिखे अल्फ़ाज लोग चुरा ले गये।।


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माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी, मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी।।



Very Sad Shayari  - [ दर्द भरी शायरी ] का बेहद उम्दा कलेक्शन 



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तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी ऐतबार है, देखें पहले कौन मिलता है , हमें दोनों का इंतजार है।। 


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दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई, लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया।।


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शायद तुम कभी प्यासे मेरी तरफ लौट आओ, आँखों में लिए फिरता हूँ दरिया.. तुम्हारे लिए।।


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दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं, देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन।।


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अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का, जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है।।


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मेरे दुश्मन तक मुझसे अब दूर रहने लगे है, कहते है.. इसने खुद ही मोहब्बत कर ली, इसका अब हम क्या बिगाड़े।।


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समझते थे मगर फिर भी न रखी दूरियां हमने, चरागों को जलाने में जला ली उंगलियाँ हमने।।


🔳मोहब्बत हमने सीखी है चराग़ों की शमाओं से, कभी तो रात आएगी कभी तो लौ जलाओगे।।


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मैं जिसके हाथ में एक फूल देकर आया था, उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है।।


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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें।।

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एक मुद्दत से तेरी याद भी न आयी हमें, और हम भूल गये हों तुझे, ऐसा भी नहीं।।


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जो जान है मौसम की, क्या जाने कहाँ वो है, पानी तो बरसता है, बरसात नहीं होती।।


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न कोई वादा, न कोई यकीन, न कोई उम्मीद, मगर हमें तो तेरा इन्तिजार करना था।।


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आओ ना ढूँढ लें कोई  रस्ता एक होने का, तन्हा – तन्हा  चलने   में  नुकसान  बहुत  हो  जाता   है।। 


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मेरी रूह को अब तक जन्नत नसीब नहीं हुई है, इश्क़ को मरे हुए एक ज़माना हो गया।।


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हमने तो इससे कंही ज्यादा सहा है जिंदगी में, आपका हमसे मुहँ मोड़ जाना कोई बड़ी बात नही।।


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जा जाकर धड़क उसके सीने में ऐ दिल, हम उसके बिना जी रहे है तो तेरे बिना भी जी लेंगे।।


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दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे, जब बरसी ख़ुशियाँ, न जाने भीड़ कहा से आई।।


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मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल छोटा करूँ, वो उतनी ही कर सकी वफ़ा, जितनी उसकी औकात थी।।


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तुझे पाने की चाह में इतना कुछ खोया है कि, अब तू मिल भी जाए तो अफ़सोस होगा।।

दोस्तों अब आगे की ओर बढ़ाते हुए अब पढ़ते हैं सॉर्ट दर्द भरी शायरी (Short very sad Shayari) के Best  Collection को. जो  आपके DIL की बात बोलते नज़र आएंगे। मैं आशा करता हूँ यह सॉर्ट दर्द शायरी का यह पार्ट बेहद पसंद आएगा।  

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अब ज़हर नही देते लोग, तोहमतों से मार देते है।।


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करोगे क्या ? अगर कहूं के उदास हूँ मैं।।


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बस अपने दिल का ख्याल रखना था, ये भी ना हो सका मुझसे।। 


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फासला इस लिये रखा मैंने, वो करीब था हर किसी के।।


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ये मोहब्बत  भी तो किसी गुनाह से कम नही, हर आशिक यहाँ सज़ा-याफ़्ता है।।


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 गुनाह यार ए मोहब्बत हुआ है मुझसे, गुजारिश है कोई मेरे दिल को फांसी दे दो।।


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घायल करके मुझे उसने पूछा, करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे।।


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कुछ तो हमारे नसीब बुरे थे, कुछ लोगों का हमसे जी भर गया।।


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आज उसने एक और दर्द दिया, तो हमें याद आया।।


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पलटकर फिर यहीं आयेंगे हम, वो देखें तो हमें आज़ाद कर के।।


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है ना मुझे गलतफहमियाँ, तुम्हें जब भी समझा अपना समझा।।


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हमारे दरमियाँ कुछ तो रहेगा, चाहे वो फ़ासला ही सही।। 



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उन्ही लफ्जों के अश्क बनते हैं, जो जुबां से अदा नहीं होते।।


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उसी का शहर, वो ही खुदा, वो ही गवाह, हमे यक़ीन था क़ुसूर हुमारा ही निकलेगा.


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मुझे को खो दोगे तो पछताओगे बहुत, यह आखरी ग़लती तुम खूब सोच कर करना.


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दिल का हाल बताना नहीं आता, किसी को ऐसे तड़पाना नहीं आता।।


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वह जिन्हें याद करके रोता हूँ, कभी कभी मुझको भी याद करते हैं।।


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वो जो बिछड़ा तो मैंने जाना, लोग मर कर भी जिया करते है।।


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तूम्हारे बाद मेरा कौन बनेगा हमदर्द, मैंने अपने भी खो दिए तुम्हे पाते पाते।।


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हर मोड़ पे रुके हम आवाज़ देते गये, देखा न मुड़ के तुमने जो तुमने ठान ली।।


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बेवजह रोये जा रहा है वो रोने वाला , उसे समझाओ कोई उसका नही होने वाला।।


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हर मोड़ पे रुके हम आवाज़ देते गये, देखा न मुड़ के तुमने जो तुमने ठान ली।।


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नाकाम होने के दो ही रास्ते हैं, या कोशिश छोड दो या मोहब्बत कर लो।।


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उससे कहना हमारी क़बर का रुख भी कर लिया करे, ज़माना हुआ तेरी जुदाई में दफ़न हुए।।

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ऐ खुदा मुसीबत में डाल दे मुझे, किसी ने बुरे वक़्त में आने का वादा किया है।।

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क्या लिखूँ दिल की हकीकत आरज़ू बेहोश है, ख़त पर हैं आँसू गिरे और कलम ख़ामोश  है।।


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उम्र कैद की तरह होते है कुछ रिश्ते, जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही।।


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लिख देना ये अल्फाज मेरी कबर पे, मौत अच्छी  है मगर दिल का लगाना अच्छा नहीं।।


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कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु, वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने।।


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कभी ख़ुशी मे शायरी नहीं बनती, ये वो शै है जो दिल टूटने  पर आती है।।


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उसने महबूब ही तो बदला है ताज़्ज़ुब कैसा, दुआ क़ुबूल ना हो तो लोग ख़ुदा भी बदल लेते हैं।। 


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इक मासूम-सा बच्चा मुझमें अब तक जिंदा है, छोटी छोटी बातों पे अब भी रो सकता हूँ मैं।।


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चलो अब जाने भी दो….क्या करोगे दास्तां सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नही और बयां हमसे होगा नही।। 


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मुझे तेरे ये कच्चे रिश्ते जरा भी पसंद नहीं आते, या तो लोहे की तरह जोड़ दे या फिर धागे की तरह तोड़ दे।।

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तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल, काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से।। 


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इसे इत्तेफाक समझो या दर्दनाक हकीकत, आँख जब भी नम हुई, वजह कोई अपना ही निकला।। 


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मशहूर होने का शौक़ किसे है. मुझे तो मेरे अपने ही ठीक से पहचान लें, तो भी काफ़ी है।।


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मैं वो साफ ही न कह दूँ जो है फर्क तुझमें मुझमें, तेरा दर्द दर्दे-तन्हा, मेरा गम, गमे-जमाना।।


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कोई हद ही नहीं शायद मुहब्बत के फसाने की, सुनाता जा रहा है जिसको जितना याद आता है।।

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खबर इसकी नहीं, उन खामकाराने-मुहब्बत को, उसी को दुख भी देते हैं जिसे अपना समझते हैं।।

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Kar De Mere Ghunahon Ko Maf Ae Khuda, Suna Hai Sone Ke Bad Kuch Logon Ki Subha Nahi Hoti


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भीगी नहीं थी मेरी आँखें कभी वक़्त के मार से, ..देख उसकी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हें . जी भर के रुला दिया।।


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क्यो  नाराज होते हो मेरी इन नदान हरकतो से. कुछ दिन की जिंदगी है फिर चले जायेंगे हम आपके इस जहाँ से।।

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अब तो बस मेरी भी जान देने की बारी है,  कहाँ तक साबित करूँ क वफ़ा है मुझ में।


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अब जो रिश्तों में बँधा हूँ तो खुला है मुझ पर कब परिंद उड़ नहीं पाते हैं परों के होते।।


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ज़रूरतों की भूख जब पेट में शोर मचाती  दिल की ख्वाहिशें कुछ – कुछ चुप सी पड़ जाती हैं।।


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इन होंठो की भी न जाने क्या! मजबूरी होती है, वही बात छुपाते है! जो कहना जरुरी होती है।।


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कमाल करते है हमसे जलन  रखने वाले महफिले खुद की सजाते है और चर्चे हमारे करते है।।


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 बिछड़ क वो रोज मिलता है मुझे खवाब मैं, अगर ये नींद भी ना होती तो कब क मर गये होते।।


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वफ़ा सीखनी है तो मौत से सीखो, जो एक बार अपना बना ले फिर किसीका होने नहीं देती।।




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